सभी राजपूत भाइयो में बहुत एकता दिखाई दी, 200 से भी ज्यादा राजपूत भाई कुछ ही घंटो में इकठ्ठा हो गए और ज्ञापन दिया, और सभी समाज ने भी सम्मान जाहिर किया और एकता बनाये रखने की भावना जताई ,
श्री राजपूत करनी सेना के कार्य कर्ताओ और सम्पूर्ण राजपूत समाज ने आगे आने में कोई कमी नहीं आने दी, यही एक राजपूताने की पहचान हे !!
इस दौरान ठाकुर हेमेंद्र सिंह जी गुड़ामालानी , वगतावर सिंह जी सिन्धासवा ,जबर सिंह जी सिन्धासवा ,प्रेम सिंह जी सणपा ,जोगराज सिंह जी गादेवी , भेर सिंह जी चकगुडा, भेरू सिंह जी चकगुडा ,खीम सिंह जी नगर ,
गणपत सिंह जी सिन्धासवा ,धर्मेन्द्र सिंह जी बांटा ,रामसिंह चकगुडा, जालम सिंह चकगुडा , उम्मेद सिंह बांटा ,भंवर सिंह जी गादेवी ,नेहरू सिंह चकगुडा ,रेवत सिंह चकगुडा ,खुमान सिंह चकगुडा ,शंकर सिंह चकगुडा ,विनय सिंह आलपुरा ,गणपत सिंह चकगुडा , बाबू सिंह चकगुडा ,हरी सिंह गुड़ा , कालू सिंह , गोपाल सिंह , छोटू सिंह , गंगाहर सिंह , महिपाल सिंह , मनोहर सिंह ,नरपत सिंह भालीखाल , पारच सिंह भालीखाल ,जय सिंह सिन्धासवा , जामत सिंह भालीखाल , कृष्ण सिंह चकगुडा , परबत सिंह भालीखाल , वेरियाल सिंह पादरड़ी , छैल सिंह गादेवी , लुभ सिंह सिन्धासवा , देवी सिंह, दुर्ग सिंह, जालम सिंह नगर , माधु सिंह नगर आदि और समाज के कई गणमान्य लोग मौजूद थे !!

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